भारतीय रेलवे के 5 उत्कृष्ट ‘फॉग पास’ डिवाइस: ऊँची गुणवत्ता और नए दृष्टिकोण के साथ घने कोहरे में सुरक्षित नेविगेशन

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भारतीय रेलवे
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मेटा विवरण:

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नए दृष्टिकोन में ‘फॉग पास’ डिवाइस

1. भारतीय रेलवे , घने कोहरे में सुरक्षित नेविगेशन

घने कोहरे में सुरक्षित नेविगेशन: एक आधुनिक सुरक्षा पहल

विश्वासीय और प्रगतिशील ‘फॉग पास’ डिवाइस ने भारतीय रेलवे को एक नए सुरक्षा दृष्टिकोन में मोड़ने का एक प्रमुख कदम उठाया है। यह डिवाइस, जिसे ‘घने कोहरे में सुरक्षित नेविगेशन’ कहा जाता है, यात्री और लोको पायलट को घने कोहरे के माहौल में सुरक्षित रूप से गतिविधियां करने की स्वतंत्रता प्रदान करता है।

कैसे काम करता है ‘फॉग पास’ डिवाइस:

‘फॉग पास’ डिवाइस एक विशेषकृत नेविगेशन साधन है जो घने कोहरे के दौरान लोको पायलट को सहारा प्रदान करता है। इसमें एक स्वतंत्र सिस्टम होता है जो कोहरे, बारिश, और सूर्यप्रकाश जैसे मौसम के प्रभावों से प्रभावित नहीं होता है।

उपयोगिता और विशेषताएँ:

  1. विभिन्न सुरक्षा उपायों का समर्थन: ‘फॉग पास’ डिवाइस लोको पायलट को स्थायी गति प्रतिबंध, स्तर-पार के दरवाजे, और न्यूट्रल सेक्शन जैसे सुरक्षा उपायों की सहायता करता है।
  2. भूगोलिक स्थानों की सही जानकारी: डिवाइस तीन सीधे संकेतों के साथ भूगोलिक स्थानों की सही जानकारी प्रदान करता है, जिससे लोको पायलट 500 मीटर की दूरी पर एक आवाज संदेश भी सुन सकता है।
  3. विभिन्न लोकोमोटिव्स के साथ संगत: यह सिंगल लाइन, डबल लाइन, इलेक्ट्रिफाइड, और नॉन-इलेक्ट्रिफाइड सेक्शन के लिए सुरक्षित है, साथ ही सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक और डीजल लोकोमोटिव्स के साथ संगत है।

सुरक्षित और प्रभावी:

‘फॉग पास’ डिवाइस एक सुरक्षित, संकुचित, हल्का, और मजबूत डिज़ाइन का है, जिससे लोको पायलट इसे आसानी से अपनी कमर में रख सकता है। इसका बैटरी बैकअप 18 घंटे तक का है, जिससे यात्रा के दौरान उपयोगकर्ता को सहारा मिलता है।

इस ‘फॉग पास’ डिवाइस के माध्यम से भारतीय रेलवे ने यात्रीगण को नए सुरक्षा

दृष्टिकोन में ले जाने का संकल्प किया है, खासकर उत्तर भारत में घने कोहरे के मौसम के कारण होने वाली देरी और बाधाओं को कम करने की दिशा में एक प्रबल पहल की है। ‘फॉग पास’ डिवाइस ने सुरक्षित नेविगेशन का एक नया स्तर स्थापित किया है, जिससे भारतीय रेलवे अपने यात्रीगण को सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंचाने में मदद कर रहा है।

‘फॉग पास’ एक नेविगेशन डिवाइस है जो लोको पायलट को घने कोहरे में सुरक्षित रूप से चलने में मदद करता है। यह विभिन्न सुरक्षा उपायों को बताता है, जैसे कि स्तर-पार के दरवाजे, स्थायी गति प्रतिबंध, न्यूट्रल सेक्शन, और अन्य।
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2. फॉग पास डिवाइस की विशेषताएँ

1. सेक्शन उपयुक्तता: ‘फॉग पास’ डिवाइस ने सिंगल लाइन, डबल लाइन, इलेक्ट्रिफाइड और नॉन-इलेक्ट्रिफाइड सेक्शन के साथ संगत होने का समर्थन किया है। इससे यह डिवाइस सभी प्रकार की रेलवे सेक्शन्स में अद्वितीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम है।

2. लोकोमोटिव्स के साथ संगतता: यह डिवाइस सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक और डीजल लोकोमोटिव्स के साथ संगत है, जैसे कि ईएमयू / एमईएमयू / डीईएमयू, यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी लोको पायलट इसे उपयोग कर सकता है।

3. गति की सीमा: यह डिवाइस ट्रेन की गति तक के लिए सुरक्षित है, और 160 किमी/घंटा तक की गतियों को समर्थित करने में सक्षम है। इससे सुनिश्चित होता है कि उच्च गति वाली ट्रेनें भी इसका उपयोग कर सकती हैं।

4. बैटरी बैकअप: इस डिवाइस का डिज़ाइन 18 घंटे तक बैटरी बैकअप को समर्थित करने के लिए किया गया है। यह मानव त्रुटि और अचानक बैटरी कमी के मामले में लोको पायलट को सहारा प्रदान करता है, जिससे सुरक्षित नेविगेशन का निरंतरता सुनिश्चित है।

5. डिज़ाइन की सुरक्षा और मुद्रण: ‘फॉग पास’ डिवाइस का डिज़ाइन सुरक्षित, संकुचित, हल्का (बैटरी सहित 1.5 किग्रा से अधिक नहीं) और मजबूत है। इसका निर्माण ऐसे मटेरियल से किया गया है जिससे लोको पायलट इसे आसानी से लोकोमोटिव पर स्थापित कर सकता है।

इसके अलावा, यह स्वतंत्र सिस्टम है और अनुभवों के साथ, कोहरे, बारिश या सूर्यप्रकाश जैसे मौसम की प्रभावित नहीं होता है, इससे लोको पायलट को हमेशा सुरक्षित नेविगेशन का आनंद लेने का सुनिश्चित है।

  • सिंगल लाइन, डबल लाइन, इलेक्ट्रिफाइड, और नॉन-इलेक्ट्रिफाइड सेक्शन के लिए उपयुक्त।
  • सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक और डीजल लोकोमोटिव्स के लिए उपयुक्त – ईएमयू / एमईएमयू / डीईएमयू।
  • ट्रेन की गति तक के लिए उपयुक्त है – 160 किमी/घंटा तक।
  • 18 घंटे तक बैटरी बैकअप के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • सुरक्षित, संकुचित, हल्का और मजबूत डिज़ाइन – बैटरी सहित 1.5 किग्रा से अधिक नहीं।

3. सुरक्षित और सुरक्षित नेविगेशन

आधुनिकता में सुरक्षा का नया दृष्टिकोण: सुरक्षित और सुरक्षित नेविगेशन

‘सुरक्षित और सुरक्षित नेविगेशन’ का मतलब है कि यात्रा के दौरान यात्री और लोको पायलट को उच्च स्तर की सुरक्षा के साथ निरिक्षण और मार्गदर्शन की सुविधा प्रदान की जा रही है। भारतीय रेलवे ने अपने ‘सुरक्षित और सुरक्षित नेविगेशन’ के प्रयासों के तहत ‘फॉग पास’ डिवाइस को पेश किया है, जो आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करता है ताकि यात्रा सुरक्षित और सुरक्षित हो सके।

डिवाइस काम कैसे करता है:

‘फॉग पास’ डिवाइस एक नेविगेशन साधन है जो लोको पायलट को घने कोहरे में मार्गदर्शन करने में सहायक होता है। इसके द्वारा यह सुनिश्चित किया जाता है कि लोको पायलट घने कोहरे के मौसम की चुनौतियों का सामना कर सकता है और उच्च स्तर की सुरक्षा के साथ गतिविधियां कर सकता है।

विशेषताएँ और उनका विस्तार:

  1. विभिन्न सुरक्षा उपायों का समर्थन: ‘फॉग पास’ डिवाइस लोको पायलट को स्थायी गति प्रतिबंध, स्तर-पार के दरवाजे, और न्यूट्रल सेक्शन जैसे सुरक्षा उपायों की सहायता करता है।
  2. भूगोलिक स्थानों की सही जानकारी: डिवाइस तीन सीधे संकेतों के साथ भूगोलिक स्थानों की सही जानकारी प्रदान करता है, जिससे लोको पायलट 500 मीटर की दूरी पर एक आवाज संदेश भी सुन सकता है।
  3. विभिन्न लोकोमोटिव्स के साथ संगत: यह सिंगल लाइन, डबल लाइन, इलेक्ट्रिफाइड, और नॉन-इलेक्ट्रिफाइड सेक्शन के लिए सुरक्षित है, साथ ही सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक और डीजल लोकोमोटिव्स के साथ संगत है।
  4. ट्रेन की गति तक के लिए उपयुक्त: यह डिवाइस ट्रेन की गति तक के लिए सुरक्षित है, और 160 किमी/घंटा तक की गतियों को समर्थित करने में सक्षम है। इससे सुनिश्चित होता है कि उच्च गति वाली ट्रेनें भी इसका उपयोग कर सकती हैं।

**विशेष आत्म-सुरक्षा

ता:** ‘फॉग पास’ डिवाइस अपने आप में एक स्वतंत्र सिस्टम है, जो कोहरे, बारिश, या सूर्यप्रकाश जैसे मौसम की परिस्थितियों का प्रभाव नहीं बदलता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि लोको पायलट किसी भी समय में और किसी भी मौसम में इसे उपयोग करके सुरक्षित नेविगेशन का आनंद ले सकता है।

रेलवे अधिकारियों की सराहना:

भारत टुडे टीवी के साथ बातचीत के दौरान, उत्तरी डिवीजन के मुख्य स्थानीय निरीक्षक रविंदर सिंह ने इस डिवाइस की सराहना की, कहते हुए कि यह अद्वितीय दृष्टिकोन दिखाने के लिए सुरक्षित है। इसकी श्रेणी में, जब दृष्टिगति कम होती है, डिवाइस सिग्नल और मीटरों की दूरी को विशेष ध्यान से दिखा सकता है, जिससे लगभग 999 मीटर की दूरी तक पहुंच सकता है। इसका सीधा और कुशल काम यात्रीगण को विश्वसनीयता और सुरक्षा का एहसास कराता है।

समापन रूप: ‘सुरक्षित और सुरक्षित नेविगेशन’ का मतलब है कि भारतीय रेलवे अपने यात्रीगण को एक नए स्तर के सुरक्षित यात्रा का आनंद दिला रही है, और ‘फॉग पास’ डिवाइस इस प्रयास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके सुपरिचित और विशेषज्ञ विशेषताएँ यात्रीगण को सुनिश्चित करती हैं कि वे हर मौसम में और हर कदम पर सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य की ओर बढ़ सकते हैं।

भारत टुडे टीवी के मुख्य स्थानीय निरीक्षक रविंदर सिंह के अनुसार, ‘फॉग पास’ डिवाइस सीधा और कुशल है। इसके साथ लोको पायलट को पूर्ण प्रशिक्षण दिया जाता है, और यह ट्रेन के सिग्नल और मीटरों की दूरी को विशेष ध्यान से दिखा सकता है, लगभग 999 मीटर की दूरी तक।

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