ध्यान में गुम: रहस्यमय ‘डिमेंशिया’ का खुलासा और 5 अज्ञात कारण

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डिमेंशिया

प्रस्तावना

मानव जीवन का सफर रहस्यों और चुनौतियों से भरा होता है, जिसमें से एक रहस्यमयी चुनौती है – ‘डिमेंशिया’ (मनोभ्रंश)। यह एक मानसिक रोग है जिसने अनगिनत जीवनों को अपनी भुलाईयों में लपेटा है। ‘डिमेंशिया’ की दुनिया में एक सुराग बुनने का प्रयास करते हुए, इस लेख में हम इस रहस्यमय बीमारी की गहराईयों में प्रवेश करेंगे, जानेंगे इसके लक्षण, कारण, और उपचार के बारे में, ताकि हम समझ सकें कि इस रोग से कैसे निबटा जा सकता है और कैसे हम अपने प्रियजनों को सहारा दे सकते हैं। ‘डिमेंशिया’ का खुलासा हमारे मानसिक स्वास्थ्य के सफर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो हमें इस चुनौती से निपटने के लिए तैयार करता है।

डिमेंशिया क्या है?

डिमेंशिया एक गंभीर मानसिक रोग है जिसमें व्यक्ति की स्मृति, बुद्धिमत्ता, और आत्मसमर्पण की क्षमता में कमी होती है। यह एक समय में होने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि यह धीरे-धीरे विकसित होने वाली स्थिति है जो समय के साथ बदती जाती है।

डिमेंशिया के कारण ब्रेन के कुछ हिस्से असमर्थ हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति की रोज़ाना की गतिविधियों में समस्या होती है। इसमें स्मृति की कमी, तार्किक क्षमता में गिरावट, और भाषा के बदलते प्रवृत्तियाँ शामिल हो सकती हैं।

डिमेंशिया कई रूपों में प्रकट हो सकती है, जैसे कि अल्ज़ाइमर रोग, वास्कुलर मनोभ्रंश, ल्यूइ बॉडी डाइसीज़, और फ्रंटो-टेम्पोरल मनोभ्रंश इत्यादि। इन रूपों में हर एक का अपना कारण और लक्षण होते हैं।

व्यक्ति को मनोभ्रंश के दौरान अपने आत्म-पहचान, अपने आस-पास के वातावरण की समझ, और सामाजिक और पेशेवर जीवन की सामर्थ्य खो जाती है। इसका परिणाम होता है कि व्यक्ति अपने रोज़ाना के कार्यों को सही से पूरा नहीं कर पाता और समय-समय पर भूल जाता है।

डिमेंशिया के रोगी की परेशानी न केवल उन्हीं को बल्कि उनके परिवार और देखभालकर्ताओं को भी प्रभावित करती है। इससे उनका सामाजिक और आर्थिक जीवन भी प्रभावित हो सकता है।

समाप्त करते हुए, मनोभ्रंश एक ऐसी मानसिक बीमारी है जिससे निपटना मुश्किल होता है, लेकिन सही तरीके से समर्थन और इलाज के साथ, रोगी और उनके परिवार को इससे बचने में मदद हो सकती है।

लक्षण

डिमेंशिया के मामूले संकेतों का समूह होते हैं जो व्यक्ति की मानसिक स्वास्थ्य में बदलाव को दर्शाते हैं। ये लक्षण सामान्यत: धीरे-धीरे बढ़ते हैं और स्थायी होते हैं। मनोभ्रंश के लक्षण मुख्यतः निम्नलिखित होते हैं:

  1. भूलना (Memory Loss): व्यक्ति अपनी रोज़ाना की गतिविधियों को भूलने लगता है। यह शामिल कर सकता है कि कोई अपने नाम, परिवार के सदस्यों के नाम, या महत्वपूर्ण घटनाओं को भूल जाता है।
  2. गुमराही (Confusion): व्यक्ति अक्सर अपने स्थान, समय, और परिवर्तित वातावरण के साथ गुमराह हो जाता है। उन्हें अपनी सामजिक और परिवारीक संबंधों की समझ में कठिनाई हो सकती है।
  3. भाषा में कठिनाई (Difficulty in Communication): डिमेंशिया के मरीजों को शब्दों का चयन करने और सही तरीके से वाक्य बनाने में कठिनाई हो सकती है।
  4. औरों की भावनाओं की समझ (Understanding Others’ Emotions): व्यक्ति किसी के भावनाओं और भावनात्मक अवस्थाओं को सही तरीके से समझने में कठिनाई महसूस कर सकता है।
  5. रूचियों और गतिविधियों में गिरावट (Decline in Interests and Activities): डिमेंशिया के रोगी अपनी पसंदीदा गतिविधियों में रुचि खो सकते हैं और सामाजिक संबंधों से अलग हो जाते हैं।
  6. स्वयं की देखभाल में कमजोरी (Self-Care Deficits): व्यक्ति किसी भी स्वयं की देखभाल में समस्याएं अनुभव कर सकता है, जैसे कि व्यक्तिगत सफाई या अपने खानपान की देखभाल में कमजोरी।

इन लक्षणों की समझ से व्यक्ति और उनके परिवार को सही समय पर चिकित्सा और सहारा मिल सकता है, जिससे इस समस्या का प्रबंधन संभावनाओं में सुधार हो सकता है।

कारण

डिमेंशिया के पीछे विभिन्न कारण हो सकते हैं, जिनमें ब्रेन की समस्याएं और केवल उम्र बढ़ते समय की गति शामिल हो सकती हैं। इस बीमारी के पीछे कुछ मुख्य कारणों का विवरण निम्नलिखित है:

1. अल्ज़ाइमर का रोग: यह एक मुख्य कारक है, जिसमें ब्रेन की सेलों में संशोधन होता है जो स्मृति और तार्किक क्षमता को प्रभावित करता है।

2. वास्कुलर डिमेंशिया: यह तब होता है जब ब्रेन की शिराओं में रक्तसंचार में समस्या होती है, जिससे ब्रेन की सेलों को ऑक्सीजन और पोषण मिलने में कठिनाई होती है।

3. लूय बॉडी डाइसीस (LBD): यह एक अन्य प्रकार की डिमेंशिया है, जिसमें ब्रेन की सेलों में विशेष प्रकार की बॉडी इंट्रुडर्स उत्पन्न होते हैं।

4. पार्किंसन रोग: इसमें शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाले क्षेत्रों में कमी होती है, जिससे मनोभ्रंशका रिस्क बढ़ सकता है।

5. कई स्ट्रोक: यदि किसी को एक से अधिक स्ट्रोक होते हैं, तो इससे मनोभ्रंश का खतरा बढ़ सकता है क्योंकि हर स्ट्रोक ब्रेन की सेलों को प्रभावित करता है।

6. साधारित बौद्धिक गतिविधियों में कमी: इसमें उच्च शिक्षा, बौद्धिक चुनौतियां, और बौद्धिक गतिविधियों में कमी शामिल हो सकती है, जो डिमेंशिया का विकास कर सकती है।

ये कारण अद्भुत रूप से परिवर्तित हो सकते हैं और व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। व्यक्ति और उनके परिवार के लिए सही उपचार प्रदान करने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि मनोभ्रंश के कारणों को समझा जाए और उपचार योजना को इसी आधार पर तैयार किया जाए।

उपचार और सावधानियाँ

डिमेंशिया का उपचार कठिन है, क्योंकि इसका कोई ठीक करने का इलाज नहीं है। हालांकि, कुछ थेरेपी और उपचारों से रोग के प्रबंधन में मदद की जा सकती है। यहां कुछ उपचार और सावधानियाँ हैं जो मनोभ्रंश के रोगियों और उनके परिवारों को सहारा प्रदान कर सकती हैं:

1. थीरेप्यूटिक उपाय:

  • शिक्षा थेरेपी (Cognitive Training): रोगी को मेंमोरी और मानसिक क्षमता को बढ़ाने के लिए विभिन्न क्रियाएं सिखाई जा सकती हैं।
  • संवाद थेरेपी (Speech Therapy): भाषा क्षमता को सुधारने के लिए थेरेपिस्ट की मदद से क्रियाएं की जा सकती हैं।

2. दवा उपचार:

  • डॉक्टर द्वारा प्रदान की जाने वाली दवाओं का सविस्तार से पालन करना है। इसमें मेमेंटोन, डनेजिल, और गैलंटामीन जैसी दवाएं शामिल हो सकती हैं।

3. रोज़ाना की देखभाल:

  • संरचित दिनचर्या: एक अच्छी और संरचित दिनचर्या रखना महत्वपूर्ण है, जिसमें नियमित व्यायाम, खानपान की देखभाल, और आराम शामिल हो।
  • सोशल सपोर्ट: परिवार और मित्रों का सहारा लेना, साथ ही स्थानीय समुदाय के साथ जुड़ना भी मदद कर सकता है।

4. सुरक्षा सावधानियाँ:

  • घर को सुरक्षित बनाए रखें: मनोभ्रंश के रोगी के लिए घर में सुरक्षित वातावरण बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
  • परिस्थितियों का सामान्य अवलोकन: व्यक्ति को अच्छी तरह से ध्यान देना और उनकी सुरक्षा के लिए परिस्थितियों का सामान्य अवलोकन करना अहम है।

5. अधिक सहारा और समर्थन:

  • समर्थन समूह: मनोभ्रंश के रोगी और उनके परिवार के लिए समर्थन समूहों का सामूहिक समर्थन प्राप्त करना मददगार हो सकता है।
  • काउंसलिंग: मनोभ्रंश के साथ जीवन को सामाहिक रूप से सामंजस्यपूर्ण बनाए रखने के लिए परिवार को काउंसलिंग की सुझाव दी जा सकती है।

मनोभ्रंश के मामले में एक नैतिक समर्थन और सही उपचार के साथ, रोगी और उनके परिवार को जीवन को सकारात्मक रूप से निर्माण करने में मदद मिल सकती है

समापन

डिमेंशिया एक जटिल समस्या है, लेकिन सही समर्थन और जागरूकता के साथ, हम इससे बच सकते हैं और जीवन को सकारात्मक रूप से निर्माण कर सकते हैं। यह जानकर रखना महत्वपूर्ण है कि जब हम इस बीमारी के बारे में जागरूक होते हैं, तो हम सही समय पर उपचार कर सकते हैं और इससे छुटकारा पा सकते हैं।

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